क्रिकेट के ये 3 लीजेंड्स हुए कप्तानी में बुरी तरह से फेल, नहीं बिखेर पाए अपने टैलेंट का जादू

क्रिकेट के ये 3 लीजेंड्स हुए कप्तानी में बुरी तरह से फेल, नहीं बिखेर पाए अपने टैलेंट का जादू

क्रिकेट के इतिहास में कई सारे महान खिलाड़ी आए और गए। इन खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी या गेंदबाजी में अपनी एक अलग छाप छोड़ी। लेकिन इन्हीं महान खिलाड़ियों को जब देश की कप्तानी सौंपी गई तो यह खिलाड़ी वहां पर फेल साबित हुए। आज हम आपको इस लिस्ट में से तीन खिलाड़ियों के बारे में बताने वाले हैं जो बतौर कप्तान फिसड्डी साबित हुए हैं।

सचिन तेंदुलकर

क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को टीम इंडिया की कप्तानी जब दी गई थी तो उन्हें कप्तानी रास नहीं आई लिटिल मास्टर दो कार्य कालों के दौरान भारतीय कप्तान बनाए गए। लेकिन इस दौरान वह अपना कुछ खास प्रदर्शन नहीं छोड़ पाए उन्होंने 25 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की जिसमें उन्हें केवल चार मैचों के दौरान ही जीत मिली।

73 वनडे मैचों में सिर्फ 23 वनडे मैचों में ही खिलाड़ी को जीत हासिल हुई। हालांकि आंकड़े साफ तौर पर काफी है इस बताने के लिए हैं कि सचिन भले ही देश के महान खिलाड़ी क्यों ना हो लेकिन वह बतौर कप्तान टीम के लिए फेल साबित होते हैं।

क्रिस गेल

अपनी बल्लेबाजी से सबको अपना दीवाना बनाने वाले क्रिस गेल को बच्चा बच्चा भी जानता है। आपको बता दें कि ये खिलाड़ी अपने आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। गेल बतौर कप्तान खुद को साबित नहीं कर पाए अगर ब्रायन लारा से उनकी तुलना की जाए तो गेल का वनडे कप्तानी का सफर काफी ज्यादा खराब रहा है कि कप्तानी में वेस्टइंडीज को तीन मैचों के दौरान केवल 17 मैचों में जीत हासिल हुई है। 30 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है।

हीथ स्ट्रीक

स्ट्रीक का अपने समय में एक शानदार तेज गेंदबाज थे। जरूरत पड़ने पर वह बहुत शानदार हिटर भी साबित हुए हैं। टेस्ट मैच में 28 और वनडे में 29 की गेंदबाजी औसत के साथ उन्होंने खुद को इतिहास में जिम्वाम्बे के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज के रूप में स्थापित किया था। आपको बता दें कि हीथ ने 2000 से 2004 तक 60 वनडे मैचों के दौरान कप्तानी की लेकिन उन्होंन 47 मैचों में हार और 18 मैचों में जीत हासिल की। बतौर कप्तान ये खुद को कभी भी साबित नहीं कर पाएं।

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