टीम इंडिया की इन 3 सबसे बड़ी परेशानियों को अर्जुन तेंदुलकर कर सकते हैं दूर, डेब्यू का जल्द मिलना चाहिए चांस

सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर द्वारा रणजी ट्रॉफी के पदार्पण के दौरान शतक जड़ा गया है, जिसके चलते इस पारी के दौरान उनके 12 चौके और 2 छक्के नजर आए। गोवा की तरफ से खेलते हुए अर्जुन यह बड़ा कारनामा राजस्थान के खिलाफ करने में कामयाब रहे। अपनी बेहतरीन पारी के चलते भारतीय टीम में अर्जुन तेंदुलकर अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। अगर भविष्य में भारतीय टीम के लिए उनका चयन होता है, तो वह भारतीय टीम की 3 सबसे बड़ी मुश्किलों को दूर करने की काबिलियत रखते हैं।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की तलाश होगी खत्म

लंबे समय से भारतीय टीम को एक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की तलाश है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में टी नटराजन और खलील अहमद जैसे खिलाड़ियों की एंट्री हुई थी। लेकिन खराब फिटनेस के चलते इन खिलाड़ियों का टीम से अंदर-बाहर होना बना रहा। मगर बाएं हाथ के नए गेंदबाजी विकल्प के रूप में टीम इंडिया को अर्जुन तेंदुलकर जैसा खिलाड़ी मिल सकता है, क्योंकि 23 वर्षीय अर्जुन तेंदुलकर को अगर भविष्य में टीम इंडिया में शामिल किया जाता है, तो वह बाएं हाथ का एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।

ऑलराउंडर की निभा सकते हैं भूमिका

किसी भी टीम को जीतने के लिए ऑलराउंडर का विशेष महत्व होता है। क्योंकि हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दौरान भारतीय टीम को मैच जीताते नजर आए हैं। रणजी ट्रॉफी के डेब्यू के दौरान अर्जुन तेंदुलकर जिस अंदाज में शतकीय पारी खेले, टीम इंडिया में मौका मिलने की स्थिति में वह ऑल राउंडर खिलाड़ी की भूमिका निभा सकते है। जोकि इन खिलाड़ियों के धुआंधार शतक को देखने के बाद हम कह सकते है।

पारी फिनिश करने की रखते हैं काबिलियत

किसी भी टीम के आखिरी ओवर के दौरान पारी को रफ्तार देने के लिए एक ऐसे खिलाड़ी की आवश्यकता होती है, जो अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी की भी काबिलियत रखता हो। हाल ही में नजर आया, कि निचले क्रम के बल्लेबाज कई बार चमत्कारी पारी खेलते नजर आए। उदाहरण के तौर पर बात करें, तो पाकिस्तान के गेंदबाज नसीम शाह द्वारा एशिया कप 2022 के दौरान 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर अपनी टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ जीत दिलाई गई।

इन्हीं कारणों के चलते एक गेंदबाज को बल्लेबाजी में इतना काबिल तो होना ही चाहिए, कि आवश्यकता पड़ने पर वह बल्लेबाजी कर सके। ऐसी स्थिति में बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम के लिए अर्जुन तेंदुलकर फिनिशर की भूमिका निभाने की काबिलियत रखते हैं।

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