5 Cricketers वनडे और टेस्ट में सफलता मिलने के बाद भी, नहीं खेल सके T20I में मैच

क्रिकेट एक ऐसा रोमांचक खेल रहा है। जिसमें सब कुछ एक Cricketers के हाथ में ही नहीं, बल्कि काफी हद तक उसकी किस्मत पर भी निर्भर करता है। ऐसे तो क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी रहे, जिन्होंने क्रिकेट जगत में अपना परचम लहराया है। लेकिन क्रिकेट के एक नहीं बल्कि कई प्रारूप है। ऐसे में इस बात की किसी के द्वारा गारंटी नहीं ली जा सकती, कि अगर एक खिलाड़ी क्रिकेट के एक प्रारूप में बेहतरीन प्रदर्शन करता है, तो आवश्यक नहीं है कि वह खिलाड़ी दूसरे प्रारूप में भी उतना ही बेहतरीन खेल सकेगा।

ऐसे कई खिलाड़ी हुए, जो वनडे और टेस्ट मुकाबलों के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने में कामयाब रहे, लेकिन टी20 अर्थात क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में वह एक भी मैच नहीं खेल सके।

आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिनके द्वारा यह कारनामा किया जा चुका है।

ब्रायन लारा

अगर वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाजों की बात की जाए, तो उस लिस्ट में ब्रायन लारा का नाम सबसे ऊपर शामिल है। कई मौकों पर वह टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर सके और इसके साथ-साथ उनके द्वारा क्रिकेट के कई रिकॉर्ड भी बनाए गए, जिसमें 1994 में एजबेस्टन में डरहम के खिलाफ वॉरविकशायर के लिए नॉटआउट 501 रन के साथ सबसे अधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

लारा ने अपने टेस्ट करियर के दौरान 131 मैच खेले, जिसमें वह 52.89 की बेहतरीन औसत के साथ 11953 रन बनाने में कामयाब रहे। 1990 में उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू पाकिस्तान के विरुद्ध किया था। यह महान कैरेबियाई खिलाड़ी भले ही क्रिकेट से संन्यास ले चुका हो लेकिन क्रिकेट मैदान पर रविवार को एक बार फिर से क्रिकेट फैंस को लारा की बेहतरीन बल्लेबाजी के दर्शन हुए। रविवार को ब्रायन लारा द्वारा 10 सेलेक्टर फैन कप के दौरान बेहतरीन शॉट भी लगाए‌ गए।

दिमुथ करुणारत्ने

बाएं हाथ के लाल गेंद विशेषज्ञ दिमुथ करुणारत्ने एक पेशेवर श्रीलंकाई क्रिकेटर हैं। जिनके द्वारा टेस्ट और वनडे दोनों में देश का प्रतिनिधित्व किया जाता है। वह सिंहली स्पोर्ट्स क्लब के लिए प्रथम श्रेणी में क्रिकेट खेलते नजर आते हैं। यह खिलाड़ी श्रीलंका टेस्ट और वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट टीमों के वर्तमान कप्तान भी हैं।

आज तक एक भी T20 मैच न खेल सके दिमुथ एक टेस्ट स्पेशलिस्ट खिलाड़ी हैं। इन्हीं कारणों के चलते हाल में चल रहे न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज के दौरान इस खिलाड़ी को ड्रॉप भी कर दिया गया है, और उनके स्थान पर टीम की कप्तानी लसिथ मलिंगा को सौंप दी गई है।

चेतेश्वर पुजारा

घरेलू क्रिकेट में सौराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाले चेतेश्वर पुजारा भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं। इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने दिसंबर 2005 में सौराष्ट्र के लिए प्रथम श्रेणी में अपना डेब्यू किया और अक्टूबर 2010 में बेंगलुरु में टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था।

ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध साल 2010 में वह अपना पहला टेस्ट मैच खेले। अभी तक 70 टेस्ट मैच खेले चेतेश्वर पुजारा 49.87 की बेहतरीन औसत से 5486 रन बनाने में कामयाब रहे। भारतीय टीम को टेस्ट में संभालने वाला यह खिलाड़ी टी20 में आज तक पदार्पण नहीं कर सका है।

सौरव गांगुली

प्यार से दादा के रूप में जाने जाने वाले सौरव गांगुली का नाम भी उन खिलाड़ियों में शुमार है, जिनके द्वारा आज तक T20 क्रिकेट में एक भी मैच नहीं खेला गया। यह खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट कमेंटेटर और भारतीय राष्ट्रीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और कप्तान भी रह चुके हैं। मौजूदा समय में सौरव गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष और विजडन इंडिया के साथ संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए गए हैं।

साल 1996 में इंग्लैंड के विरुद्ध अपना पहला टेस्ट मैच खेलने वाले सौरव गांगुली ने साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अपना आखिरी मुकाबला खेला था।

वह 188 टेस्ट पारियां खेलने में कामयाब रहे, जिसमें उनके द्वारा 42.18 की बेहतरीन औसत से 7212 रन बनाए गए। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा 300 वनडे पारियां खेली गई, जिसमें 40.73 की बेहतरीन औसत से वह 11363 रन बनाने में कामयाब रहे। वही T20 में यह एक भी मैच नहीं खेल सके।

वीवीएस लक्ष्मण

दाएं हाथ का यह बल्लेबाज एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान में क्रिकेट कमेंटेटर है। वीवीएस लक्ष्मण साल 2011 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किए गए थे।

1996 में वीवीएस लक्ष्मण ने अपना पहला टेस्ट मैच दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध खेला था, और साल 2012 में अपना आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेला था।

वनडे क्रिकेट में यह 83 पारियां खेलने में कामयाब रहे, जिसमें 376 की बेहतरीन औसत से 2388 रन बनाए गए। वही टेस्ट मैच में इनके द्वारा 224 पारियां खेली गई, जिसमें 45.5 की बेहतरीन औसत के साथ 8781 रन बनाने में कामयाब रहे। वही अपने टेस्ट करियर के दौरान यह एक भी टेस्ट मैच नहीं खेल सके।

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