सूर्यकुमार यादव की पत्नी हैं बला की खूबसूरत, उनके सामने ऐश्वर्या राय भी पड़ जाती हैं फीकी

टीम इंडिया के बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) इन दिनों खूब चर्चा में चल रहे हैं। हाल ही में एशिया कप में उनके बल्ले जमकर रन बरसे। सूर्यकुमार यादव ने एक ही ओवर में चार छक्के भी जड़े।

उन्हीं की तूफानी पारी के दम पर टीम इंडिया ने विशाल स्कोर बनाया, जिसकी वजह से टीम को जीत मिली और टीम इंडिया एशिया कप 2022 के सुपर 4 में पहुंच गई। बुधवार को हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ उन्होंने 6 चौके और छह छक्के लगाए। सूर्यकुमार ने इस मैच में 26 गेंदों में 68 रन बनाए।

शानदार रहा है रिकॉर्ड
Suryakumar Yadav क्रिकेट के मैदान में अतरंगी शॉट्स लगाने के लिए जाने जाते हैं। किसी भी गेंदबाज के खिलाफ मैदान के चारों तरफ रन बनाने की काबिलियत रखने वाले इस खिलाड़ी को भारत का एबी डिविलियर्स भी कहा जाता है। इसीलिए सूर्यकुमार यादव को 360 डिग्री प्लेयर कहा जाता है। भारत के लिए सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड लाजवाब रहा है।

अपनी टीम के लिए उन्होंने कई अहम योगदान दिए हैं और मैच जीताए है। भारत के लिए उन्होंने 13 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे के इन मैचों में 34.0 की औसत से 340 रन बनाए हैं, वहीं टी20 में 39.89 की औसत से 758 रन बनाए हैं। इस साल टी20 वर्ल्ड कप जीतने में सूर्यकुमार अहम रोल अदा कर सकते हैं।

पर्सनल लाइफ में बड़े रोमांटिक हैं सूर्यकुमार यादव
आईपीएल से इंटरनेशनल क्रिकेट मे अपनी पहचान बनाने वाले सूर्यकुमार यादव का करियर जितना खास रहा है उतनी ही उनकी पर्सनल लाइफ अतरंगी रही है। सूर्यकुमार यादव ने क्रिकेट के मैदान में जितने आक्रमक नजर आते हैं वे पर्सनल लाइफ में बेहद रोमांटिक है।

सूर्यकुमार ने अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड देविशा से साल 2016 में शादी की थी। दोनों की मुलाकात पहली बार साल 2012 में हुई थी। मुंबई के पोद्दार डिग्री कॉलेज में हुई मुलाकात के बाद से सूर्य और देविशा के बीच दोस्ती हुई और देखते ही देखते दोस्ती ने प्यार का रूप ले लिया। दक्षिण भारत से ताल्लुक रखने वाली देविशा ने सूर्यकुमार से साउथ के रिवाज में ही शादी करी।

सूर्यकुमार की बल्लेबाजी की दीवानी हुई थी देविशा

देविशा को सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी के अंदाज ने दीवाना बना दिया था। अपने कॉलेज के समय में सूर्यकुमार बैडमिंटन और क्रिकेट खेलते थे और उनके पिता ने उन्हे दोनो खेल को जारी रखने को कहा।

बाद में उन्हें अशोक आर कामत और विलास गोडबोले ने प्रशिक्षित किया जिससे वह क्रिकेट में घुस गए। सूर्यकुमार के माता-पिता को उनके टैलेंट पर भरोसा था जिसे देख कर वह उन्हे भारत के लिए खेलता देखना चाहते थे। सूर्यकुमार की मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपने मां बाप का सपना पूरा किया।

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