Test Cricket के ऐसे 3 रिकॉर्ड जिन्हें किसी के लिए तोड़ पाना नहीं है आसान

क्रिकेट के प्रत्येक मैच के साथ ही कोई ना कोई रिकॉर्ड टूट जाता है, क्योंकि रिकॉर्ड तो बनते ही टूटने के लिए है। क्रिकेट की शुरुआत में Test Cricket की काफी अहमियत थी, लेकिन वनडे और टी-20 क्रिकेट ने आते ही इसकी अहमियत को कम कर दिया। अपने 142 वर्षों तक के सफर में क्रिकेट ने काफी खास मौके दिए हैं, जैसे बॉडी- लाइन सीरीज, बल्ले से ब्रैडमैन का जादू, वेस्टइंडीज द्वारा क्रिकेट में वर्चस्व, एशेज की लड़ाई आदि।

अब एक बार फिर से आईसीसी द्वारा टेस्ट क्रिकेट रोमांच को बरकरार रखने के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज किया गया है‌। जिसका फाइनल 2021 में खेला गया। क्रिकेट के इतिहास में बल्लेबाजी के दौरान कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं जिन्हें तोड़कर ने रिकॉर्ड कायम किए गए हैं कुछ ऐसे भी रिकॉर्ड है जिन्हें तोड़ना नामुमकिन है।

आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे ही रिकॉर्ड्स के बारे में बताएंगे, जिन्हें तोड़ना सिर्फ मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन भी है।

टेस्ट क्रिकेट में सर डोनाल्ड ब्रैडमैन की औसत

ऑस्ट्रेलियाई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ‘द डॉन’ के रूप में भी जाने जाते है। ब्रैडमैन एक महान बल्लेबाज है, जिन्होंने अपने करियर के दौरान 99.94 की औसत से बल्लेबाजी की है।

क्रिकेट स्टंप और गोल्फ की गेंद के साथ अकेले अभ्यास करने वाले युवा ब्रैडमैन ने अपने 22वें जन्मदिन से पहले शीर्ष स्कोरिंग के लिए कई रिकॉर्ड बनाए हैं, जिनमें से कुछ अभी भी मौजूद है।

आज तक कोई भी खिलाड़ी सर ब्रैडमैन के 99.94 के औसत से बल्लेबाजी के रिकॉर्ड के निकट तक नहीं पहुंच सका। ब्रैडमैन ने खेले 52 टेस्ट मैच में 29 शतक जड़े, जिसमें 12 दोहरे शतक और दो तिहरे शतक भी थे।

मैथ्यू हेडन

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कमेंटेटर और पूर्व क्रिकेटर मैथ्यू लारेंस हेडन काकरिया 15 सालों का रहा है। वह एक ऐसे शक्तिशाली और आक्रमक बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज थे, जिन्हें टेस्ट और एकदिवसीय दोनों स्तरों पर जल्दी स्कोर करने की काबिलियत के लिए जाना जाता था।

टेस्ट (380) के दौरान एक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड मैथ्यू हेडन ने बनाया। इसके साथ साथ भारत के खिलाफ चेन्नई में 201 रनों की खेली गई उनकी पारी भारत में ऑस्ट्रेलियाई द्वारा दूसरा सबसे बड़ा स्कोर रहा।

जनवरी 2009 में उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया उस समय उनका टेस्ट औसत 50.7 रहा। मैथ्यू हेडन से पहले बल्लेबाजी करने के लिए कहा जाने के बाद उनकी 380 की बेहतरीन पारी ने जिंबाब्वे को चौंका दिया। 86.95 की बेहतरीन स्ट्राइक रेट से वह गेंदबाजों को चौकाने में कामयाब रहे। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे आज तक तोड़ने की हिम्मत किसी के द्वारा नहीं जुटाई जा सकी है।

महेला जयवर्धने

श्रीलंकाई क्रिकेट कोच और पूर्व क्रिकेटर महेला जयवर्धने का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर 374 रहा, जोकि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दाएं हाथ के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया उच्चतम टेस्ट स्कोर है। 1997 में अपने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले महेला जयवर्धने ने इसके बाद अगले सत्र में अपने वनडे अंतर्राष्ट्रीय की शुरुआत की।

2006 में महेला जयवर्धने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका की घरेलू श्रंखला के दूसरे टेस्ट के दौरान 374 का स्कोर बनाते हुए टेस्ट क्रिकेट में एक श्रीलंकाई टीम का सर्वोच्च स्कोर बनाने में कामयाब रहे। टेस्ट क्रिकेट में 50 से कम औसत रखने वाले महेला जयवर्धने 10,000 से अधिक टेस्ट रन बनाने वाले श्रीलंकाई क्रिकेट इतिहास के पहले खिलाड़ी बने।

साल 2000 के दशक में महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा बल्लेबाजी के स्तंभ माने जाते थे। दूसरे देशों की जमीं पर भी है दोनों खिलाड़ी जीतने में कामयाब रहे। महेला जयवर्धने ने कोलंबो में सिंहली स्पोर्ट्स क्लब स्टेडियम में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज किया। वह 27 टेस्ट में से 74.89 की बेहतरीन औसत के साथ 2921 रन बनाने में कामयाब रहे। इसके साथ-साथ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में भी वह 2382 रन बनाकर दूसरे स्थान पर काबिज रहे।आज तक कोई भी खिलाड़ी एक ही जगह पर इतने रन बनाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

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