मोटापे की वजह से टीम इंडिया पर बोझ बन चुके हैं ये खिलाड़ी, अब टीम इंडिया में खेलने के नहीं हैं हकदार

मोटापे की वजह से टीम इंडिया पर बोझ बन चुके हैं ये खिलाड़ी, अब टीम इंडिया में खेलने के नहीं हैं हकदार

टीम इंडिया (Team India) में इस वक्त कई ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जिनकी खराब फिटनेस कई बार मैदान पर उनके लिए एक बहुत बड़ा बोझ बन चुकी है, जिसमें कई दिग्गज खिलाड़ियों का नाम शामिल है. वहीं इन खिलाड़ियों को जरूरत है उन खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने की जो शानदार खेल दिखाने के बावजूद भी अपनी फिटनेस पर पूरी तरह ध्यान देते हैं और टीम में लगातार जगह पाने के लिए अपने आप को फिट रखना भी बहुत जरूरी होता है, लेकिन टीम इंडिया (Team India) के इन खिलाड़ियों को फिटनेस की कोई पडी़ नहीं है.

रोहित शर्मा
वर्तमान समय में टीम इंडिया (Team India) के कप्तान रोहित शर्मा जिनके ऊपर टीम की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी होती है वह खुद अपनी फिटनेस के कारण अक्सर ट्रोल हुआ करते हैं. इसके बावजूद भी उन्होंने अपनी फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा जहां सोशल मीडिया पर तो अब लोग उन्हें वडापाव के नाम से भी चिढ़ाते हैं.

एक खिलाड़ी को मैदान पर शानदार खेल दिखाने के लिए फिट रहने की काफी जरूरत होती है, लेकिन यह बात रोहित शर्मा की समझ में नहीं आ रहा है.

ऋषभ पंत
टीम इंडिया (Team India) के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अभी केवल 25 वर्ष के हैं लेकिन उनकी फिटनेस उनकी उम्र से कहीं ज्यादा बढी़ हुई है. यही वजह है कि मैदान पर जब विकेटों के बीच रन लेने के लिए दौड़ लगानी पड़ती है, तो इस खिलाड़ी के फिटनेस की पोल खुल जाती है, जिस वजह से यह अक्सर ट्रोलर्स के निशाने पर रहते हैं.

ऋषभ पंत जैसे युवा बल्लेबाज को जिस तरह अपने फिटनेस को लेकर जागरूक रहना चाहिए उस तरह वो नहीं है. यही वजह है कि खराब प्रदर्शन के साथ-साथ वह अपनी फिटनेस को लेकर भी आलोचकों के निशाने पर आए आए दिन रहते हैं.

पृथ्वी शॉ
भले ही इस खिलाड़ी को काफी समय से टीम इंडिया (Team India) में मौका नहीं दिया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इनकी खराब फिटनेस भी है.

पृथ्वी शॉ लगातार अपने बढ़ते वजन को लेकर चर्चा में रहते हैं, जहां 22 वर्षीय इस खिलाड़ी का इस तरह अपने फिटनेस पर ध्यान ना देना उनके करियर को खतरा बनते जा रहे हैं.

रविचंद्रन अश्विन
टीम इंडिया (Team India) के दिग्गज अनुभवी स्पिनर गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन की खराब फिटनेस का प्रमाण कई बार मैदान पर देखने को मिला है. जब उन्हें फील्डिंग के दौरान गेंद पकड़ने के लिए मशक्कत करते हुए देखा गया.

कई बार अपने खराब फिटनेस के कारण उन्हें टीम से बाहर भी रहना पड़ा. इसके बावजूद भी उन्होंने अपने फिटनेस में सुधार लाने की ओर ध्यान नहीं दिया.

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