Virat kohli की कप्तानी के दौरान धोनी के इन दोस्तों का बर्बाद हुआ करियर, 2 वर्ल्ड कप जिताने वाला भी है शामिल

Virat Kohli एमएस धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद टीम इंडिया के उत्तराधिकारी के रूप में चुने गए। साल 2014 में धोनी टेस्ट प्रारूप से संन्यास ले चुके थे, जबकि वनडे और टी20 क्रिकेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान उन्होंने 4 जनवरी 2017 को किया था। जिसके बाद विराट कोहली को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।

लेकिन किसी भी टीम का कप्तान बदलने के साथ-साथ पूरी टीम को बदलाव की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। साल 2014 में कुछ ऐसा ही नजर आया, क्योंकि जब महेंद्र सिंह धोनी के द्वारा कप्तानी का पद छोड़ा गया, तो विराट कोहली के कप्तानी के दौरान उनके 5 पसंदीदा खिलाड़ियों को टीम में जगह मिल पाना काफी मुश्किल हो गया। चलिए इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं, ऐसे पांच खिलाड़ियों के बारे में जिनका विराट कोहली की कप्तानी के दौरान करियर पूर्ण रूप से बर्बाद हो गया था।

सुरेश रैना

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना को धोनी की कप्तानी के दौरान जमकर खेलने के चांसेस मिले। उन्होंने इस दौरान अपने बल्ले का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जमकर रन बनाए। वह धोनी के सबसे करीबी खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं।

लेकिन भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के बनाए जाने के बाद सुरेश रैना को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाने लगा। काफी लंबे समय तक जब इंतजार करने के बाद भी उन्हें चांसेस नहीं मिल सके, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सुरेश रैना ने 15 अगस्त सन 2020 को संन्यास ले लिया। इसी दिन पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के द्वारा भी संन्यास का ऐलान किया गया था।

केदार जाधव

काफी लंबे समय से टीम इंडिया का हिस्सा ना होने के बाद भी यह खिलाड़ी इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है। अभी हाल ही में असम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 283 रनों की बेहतरीन पारी खेली पर मात्र 17 रनों से वह ट्रिपल सेंचुरी लगाने से चूक गया।

केदार जाधव की गिनती भी धोनी के करीबी खिलाड़ियों में से की जाती है। धोनी की कप्तानी के दौरान उन्हें जमकर चांसेस दिए गए, लेकिन इस खिलाड़ी को विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में खेलने लायक तक नहीं समझा‌। भारत की तरफ से 73 वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। केदार जाधव ने साल 2014 में अपना पदार्पण किया था और आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2020 में खेले थे।

अंबाती रायुडू

आईपीएल में धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलने वाले अंबाती रायडू पिछले कई सीजनों से आईपीएल के दौरान धोनी के साथ जुड़े हुए हैं। धोनी के करीबी खिलाड़ियों में गिने जाने वाले अंबाती रायडू ने विराट कोहली की कप्तानी के दौरान साल 2014 में जिंबाब्वे के खिलाफ पदार्पण मैच खेला था, और कुछ सालों बाद जिंबाब्वे के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेला था।

लेकिन धोनी के करीबी खिलाड़ियों में शामिल यह खिलाड़ी भी विराट कोहली की कप्तानी के दौरान फिट नहीं बैठ सका। जिसका यह परिणाम रहा, कि वह नजरअंदाज किए जाने लगे। भारतीय टीम के लिए रायडू 55 वनडे और टी20 में 6 मैच खेल चुके हैं, जबकि टेस्ट में उन्हें पदार्पण का मौका नहीं मिल सका।

ईशांत शर्मा

साल 2007 में धोनी की कप्तानी के दौरान भारतीय टीम के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने अपना पदार्पण किया था। ईशांत शर्मा ने रेड बॉल क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी के दम पर धोनी को कई मैच जिताए हैं। इन्हीं कारणों के चलते इस खिलाड़ी को धोनी की कप्तानी के दौरान जमकर चांसेस मिल सके।

जबकि ईशांत शर्मा को विराट कोहली की कप्तानी के दौरान बहुत कम मौके मिले थे। साल 2016 में विराट की कप्तानी के दौरान उन्होंने अपना आखिरी वनडे मुकाबला खेला था। जबकि साल 2013 से उन्हें T20 में शामिल नहीं किया गया है। वही विराट की कप्तानी के दौरान ईशांत शर्मा का करियर पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।

हरभजन सिंह

42 वर्षीय स्पिनर गेंदबाज हरभजन सिंह धोनी के साथ काफी लंबे समय तक क्रिकेट खेलते रहे, इन दोनों खिलाड़ियों की दोस्ती की मिशालें दी जाती हैं। आईपीएल में यह दोनों खिलाड़ी चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक साथ खेलते नजर आए।

लेकिन विराट कोहली की कप्तानी के दौरान इस सीनियर खिलाड़ी को साइड में कर दिया गया। क्योंकि साल 2016 में उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला खेला था। 24 दिसंबर को लंबे इंतजार के बाद सोशल मीडिया पर भज्जी ने अपने संन्यास का ऐलान कर दिया था। भारत के लिए वह 23 साल के करियर में 711 विकेट अपने नाम कर चुके हैं।

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