“जब तक ये सीनियर्स खिलाड़ी टीम इंडिया में होंगे भारत ऐसे ही हारता रहेगा” वीरेंद्र सहवाग ने बताई टीम इंडिया की कमजोरी

सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद भारतीय टीम को बदलने की मांग की जा रही है. इस श्रेणी में वीरेंद्र सहवाग के रूप में एक और नाम जुड़ गया है. वीरेंद्र सहवाग ने इशारों ही इशारों में कह दिया है कि भारतीय टीम मैंनेजेमेट को सीनियर खिलाड़ी के जगह युवाओं को मौका देना होगा.

उन्होंने कहा कि अगर इसी टीम के साथ भारत अगले विश्व कप में भी उतरेगी तो भारत को एक बार फिर से हार का मुंह देखना पड़ेगा.

वीरेंद्र सहवाग ने कही ये बात
भारत के पूर्व धाकड़ ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि हमें नई टीम पर विश्वास करना होगा जैसा हमने 2007 में किया था. उन्होंने कहा है कि,

‘मैं मानसिकता के बारे में बात नहीं करूंगा, लेकिन मैं निश्चित रूप से खिलाड़ियों में बदलाव देखना चाहता हूं. मैं अगले विश्व कप में कुछ चेहरे नहीं देखना चाहता. यह 2007 टी20 विश्व कप में भी हुआ था. इतने सालों से खेलने वाले दिग्गज खिलाड़ी उस विश्व कप में नहीं गए थे. युवाओं का एक ग्रुप गया और किसी को उनसे कोई उम्मीद नहीं थी और मैं अगले टी20 विश्व कप के लिए इसी तरह की टीम को देखना चाहता हूं, कोई भी उनसे जीतने की उम्मीद नहीं करेगा, लेकिन वह टीम भविष्य के लिए होगी.’

अगर टीम ऐसी होगी तो फिर से हार होगी
सहवाग ने आगे कहा है कि अगर चयनकर्ता वही टीम चुनेंगे तो परिणाम भी वही होने वाले है. क्रिकबज से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि,

‘यदि आप अभी अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू करते हैं, तभी आप दो साल के समय में एक टीम बना पाएंगे. मैं अगले विश्व कप में कुछ नॉन-परफॉर्मिंग सीनियर्स को नहीं देखना चाहता. मुझे उम्मीद है कि चयनकर्ता ऐसे निर्णय लेंगे. लेकिन समस्या यह है कि क्या ये चयनकर्ता अगले विश्व कप तक रहेंगे? एक चयन पैनल होगा, नया प्रबंधन, नया दृष्टिकोण तो क्या वे बदलाव करेंगे? लेकिन एक बात निश्चित है कि अगर वे अगले विश्व कप में जाते हैं इसी टीम और ऐसी ही दृष्टिकोण के साथ, तो परिणाम भी यही होंगे.’

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